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चम्पावत UK टनकपुर/बनबसा👉मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चम्पावत दौरे के दौरान जिले को खेल और सैनिक सम्मान से जुड़े दो महत्वपूर्ण आयोजनों की सौगात दी। टनकपुर के स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में उन्होंने ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का शुभारम्भ किया, वहीं भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा बनबसा में नवनिर्मित शहीद स्मारक एवं झंडा पार्क का लोकार्पण कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
टनकपुर में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर खेल महाकुम्भ का आगाज किया। इस दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, निष्पक्षता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने की शपथ ली। खिलाड़ियों ने योगासन के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का भी प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल महाकुम्भ गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को न्याय पंचायत स्तर से राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक हासिल करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष और नेतृत्व की भावना भी विकसित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष खेल महाकुम्भ को व्यापक स्वरूप दिया गया है। न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधायक, सांसद और राज्य स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। विजेता खिलाड़ियों को लगभग 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में शुरू हुआ खेल महाकुम्भ अब अपने दसवें संस्करण में पहुंच चुका है। पिछले वर्ष दो लाख 20 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया था। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस बार इससे भी अधिक बच्चे और युवा खेल महाकुम्भ का हिस्सा बनेंगे।
धामी ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा रही है और अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति मिल चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना तथा मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि खेल महाकुम्भ के तहत न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर, विधायक चैम्पियनशिप 11 से 20 सितंबर, सांसद चैम्पियनशिप 21 से 30 सितंबर तथा राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप 10 से 30 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी। इनमें विभिन्न आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं के साथ महिला ओपन और दिव्यांगजन वर्ग के खिलाड़ियों को भी प्रतिभाग का अवसर मिलेगा।
बनबसा में शहीद स्मारक का लोकार्पण, वीर नारियों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने इसके बाद भारत-नेपाल सीमा बनबसा में सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। नवनिर्मित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्होंने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। एसएसबी जवानों के बिगुल वादन के बीच मुख्यमंत्री सहित उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के वीर सपूतों को नमन किया। इसके साथ ही विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा भी फहराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में स्थापित यह स्मारक देश सेवा, त्याग और बलिदान की गाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों को देश के अंतिम क्षेत्र के बजाय ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य हो रहा है।
सैनिक परिवार से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं और सैनिकों व उनके परिवारों के प्रति उनका विशेष भावनात्मक लगाव है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में डटे रहने वाले सैनिकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वीर नारियों, वीर माता और वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा (सेना मेडल) को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है और प्रदेश के अनेक परिवारों से लोग सेना एवं अर्धसैनिक बलों में रहकर देश की सुरक्षा में योगदान दे रहे हैं।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और पूर्व सैनिकों से संवाद किया तथा एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (सेवानिवृत्त), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिशासी अधिकारी दीपक बुढलाकोटी,नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेखा देवी, एवं अधिकारी, प्रशिक्षक, पूर्व सैनिक, वीर माताएं, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।










