✍️नेपाल के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किया कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का दौरा, वन्यजीव संरक्षण की बेस्ट प्रैक्टिसेज का किया अध्ययन👉

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रामनगर UK                                                          रामनगर 👉WWF के ट्रांसबाउंड्री कोलैबोरेशन कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय एक्सपोजर विजिट, भारत-नेपाल के अधिकारियों ने साझा किए संरक्षण के अनुभव

रामनगर। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में नेपाल के वन विभाग का 14 सदस्यीय वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय एक्सपोजर विजिट पर पहुंचा। WWF के ट्रांसबाउंड्री कोलैबोरेशन कार्यक्रम के तहत आयोजित इस दौरे का उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच वन्यजीव संरक्षण, प्रबंधन और बेहतर कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सभागार में आयोजित बैठक में उपनिदेशक राहुल मिश्रा, पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडल को वन्यजीव संरक्षण, घासभूमि प्रबंधन, पर्यटन प्रबंधन, गश्त व्यवस्था, वेटरनरी सुविधाओं और स्थानीय समुदायों की सहभागिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि कॉर्बेट में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक तरीकों के समन्वय से वन्यजीव संरक्षण को प्रभावी बनाया गया है। प्रतिनिधिमंडल को ड्रोन निगरानी, हाथियों के माध्यम से गश्त, नावों से जल क्षेत्रों की पेट्रोलिंग, पैदल गश्त और स्टाफ वेलफेयर से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई। साथ ही स्थानीय समुदायों को संरक्षण से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों और गतिविधियों से भी अवगत कराया गया।

नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के वरिष्ठ प्रांतीय वन निदेशक हेमराज बिष्ट ने कहा कि वन्यजीव सीमाओं में बंधे नहीं होते, इसलिए उनके संरक्षण के लिए भारत और नेपाल के बीच समन्वय और सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की संरक्षण व्यवस्थाओं में कई समानताएं हैं और अनुभवों के आदान-प्रदान से वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

दो दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दीं और संरक्षण के सफल मॉडलों पर चर्चा की। नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडल ने कॉर्बेट की जैव विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और संरक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के साझा प्रयास भविष्य में सीमा पार वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती प्रदान करेंगे।


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