✍️कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, वीर सैनिकों के बलिदान को किया नमन👉

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उधर सिंह नगर UK
रुद्रपुर, 26 जुलाई👉 27वां कारगिल विजय दिवस रविवार को जनपद में शौर्य दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई तथा युद्ध में घायल पूर्व सैनिक मान सिंह मेहता को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एसपी सिटी डॉ. उत्तम सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सी.पी. कोठारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस कर्मी और पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। सभी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जनपद के हवलदार पदम राम और राइफलमैन अमित नेगी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के त्याग और बलिदान के कारण ही देशवासी सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। युवाओं को शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना अपनानी चाहिए।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल के.डी. सिंह ने कारगिल युद्ध के अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारतीय सेना और वायुसेना ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में अद्वितीय समन्वय और वीरता का परिचय देकर विजय हासिल की। उन्होंने कहा कि सैनिक का जीवन केवल पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च संकल्प होता है।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों पर पूरे देश को गर्व है। शहीदों की कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाना चाहिए और युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने सैनिकों और शहीद परिवारों की समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान का भरोसा दिलाया।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सी.पी. कोठारी ने कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि और विजय की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1999 के युद्ध में देश के लगभग 30 हजार सैनिकों ने भाग लिया था। इस युद्ध में 527 जवान शहीद हुए, जिनमें उत्तराखंड के 75 और ऊधमसिंह नगर के दो वीर जवान शामिल थे, जबकि 1363 सैनिक घायल हुए।
इस अवसर पर कारगिल युद्ध और देशभक्ति विषयक निबंध, भाषण, चित्रकला तथा क्रॉस कंट्री प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, शहीद परिवार, पुलिस अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।


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