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खटीमा UK
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी, महिलाओं से अभद्रता और यातायात बाधित करने के आरोप; पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
खटीमा👉नगर में शनिवार शाम निकाले गए कथित मशाल जुलूस को लेकर विवाद गहरा गया है। कुछ स्थानीय लोगों ने कोतवाली खटीमा में तहरीर देकर जुलूस के आयोजकों एवं उसमें शामिल कुछ लोगों पर बिना अनुमति जुलूस निकालने, महिलाओं से अभद्रता करने, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी करने तथा मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 25 जुलाई की शाम करीब छह बजे सितारगंज रोड स्थित देवभूमि धर्मशाला से मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें कथित रूप से कुछ अराजक तत्व भी शामिल हो गए। आरोप है कि जुलूस के दौरान सड़क से गुजर रही महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही कुछ लोगों ने देश के प्रधानमंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक एवं धमकी भरे नारे लगाए।
तहरीर में दावा किया गया है कि कथित नारेबाजी और अभद्र व्यवहार से संबंधित वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जुलूस के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों से खटीमा जैसे शांतिप्रिय नगर का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में जुलूस के आयोजकों का पक्ष सामने नहीं आया था। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी इस दौरान दर्ज मंत्री गंभीर सिंह धामी,वरिष्ठ भाजपा अमित पांडे, सतीश भट्ट,जीवन धामी,हिमांशु बिष्ट,नवीन भट्ट, चंदू मंडेला,अनिल चंन्द इत्यादि भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे










