✍️नहर क्षतिग्रस्त होने से थल-बेरीनाग मार्ग बंद, घंटों फंसे रहे सैकड़ों यात्री👉

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Time 24×7Tak                                             पिथौरागढ़ संवाददाता की विशेष खबर

पिथौरागढ़ UK 
बेरीनाग 👉थल-उडियारी बैंड-बेरीनाग मोटर मार्ग पर रविवार दोपहर करीब 12 बजे थल के चुनी पातल के समीप माइक्रो हाइडिल परियोजना की नहर क्षतिग्रस्त होने से पहाड़ी का हिस्सा दरक गया। इससे भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए, जिसके कारण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मार्ग बंद होने से दिल्ली, हल्द्वानी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला, बेरीनाग और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाली बसों सहित सैकड़ों टैक्सी और अन्य वाहन घंटों तक फंसे रहे। गर्मी और उमस के बीच यात्रियों को करीब पांच घंटे तक भूखे-प्यासे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान एक शव यात्रा का वाहन भी जाम में फंसा रहा।सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद लोक निर्माण विभाग ने मलबा हटाने के लिए एक जेसीबी मशीन मौके पर भेजी, लेकिन कुछ देर कार्य करने के बाद वह भी खराब हो गई। इससे सड़क खोलने का कार्य और धीमा पड़ गया। मौके पर मौजूद यात्रियों और वाहन चालकों ने विभागीय व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में केवल एक जेसीबी के भरोसे सड़क खोलने की व्यवस्था करना गंभीर लापरवाही है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था।
व्यापार संघ अध्यक्ष बबलू सामंत और सामाजिक कार्यकर्ता मुन्ना जंगपागी ने बताया कि मार्ग बंद होने की सूचना तत्काल विभागीय और स्थानीय अधिकारियों को दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अतिरिक्त मशीनें नहीं भेजी गईं। उन्होंने आपदा काल को देखते हुए संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त जेसीबी मशीनें तैनात करने की मांग की।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले सप्ताह थल में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों ने माइक्रो हाइडिल परियोजना की क्षतिग्रस्त नहर की शिकायत करते हुए बड़े हादसे और सड़क बंद होने की आशंका जताई थी। इसके बावजूद संबंधित विभागों ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई। लोगों का कहना है कि यदि नहर की मरम्मत समय पर कर दी जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। समाचार लिखे जाने तक मार्ग पूरी तरह सुचारु नहीं हो सका था।
प्रशासन का पक्ष
तहसीलदार बेरीनाग दयाल चन्द्र मिश्रा ने बताया कि सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग को जेसीबी मशीन भेजने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि मलबा और बड़े बोल्डरों की अधिकता के कारण सड़क खोलने में समय लग रहा है तथा मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


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