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पिथौरागढ़ UK पिथौरागढ़👉 मुनस्यारी विकासखंड के दुर्गम रालम गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के बीमार होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल मोर्चा संभाला। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे. एस. चुफाल के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकीय टीम को 7 अगस्त को हेली सेवा से रालम गांव भेजा गया। टीम ने गांव में विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर करीब 70 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें उपचार के साथ निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराईं।
शिविर में ग्रामीणों की शुगर, रक्तचाप समेत विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की गईं। चिकित्सकों ने जांच के आधार पर आवश्यक उपचार दिया तथा ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। इस दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल के इस्तेमाल और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सकीय सलाह लेने के प्रति भी जागरूक किया गया।
शिविर में डॉ. आशु अवस्थी, डॉ. मृगांक शुक्ला और फार्मेसी अधिकारी जीवन खरायत ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं दीं। वहीं, स्वस्थ हिमालय अभियान सोसाइटी की ओर से ग्राम सभा को आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोग के लिए इमरजेंसी फर्स्ट एड किट भी उपलब्ध कराई गई।
मौसम ने रोकी वापसी, पांच दिन गांव में रुकी टीम
रालम की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम को वापसी के दौरान भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 7 अगस्त को हेली सेवा से गांव पहुंची टीम की वापसी खराब मौसम के कारण नहीं हो सकी। मौसम लगातार खराब रहने के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया और टीम को गांव में ही रुकना पड़ा।
इस दौरान चिकित्सकीय टीम ने ग्रामीणों के संपर्क में रहते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। टीम ने विपरीत मौसम और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाई। 11 अगस्त को मौसम में सुधार के बाद हेली सेवा से टीम की वापसी हो सकी।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे. एस. चुफाल और चिकित्सा टीम का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना था कि दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम के समय पर पहुंचने से बीमार लोगों को गांव में ही जांच, उपचार और दवाइयां मिल गईं। इससे उन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय कर बाहर जाने की परेशानी से भी राहत मिली।










