छात्राओं से संवाद कर जानी सुविधाओं की जानकारी, सितंबर-अक्टूबर तक खेल मैदान तैयार करने का लक्ष्य; जून 2027 तक पूरी होगी 257 करोड़ की परियोजना
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चम्पावत UK
चम्पावत 👉 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में चम्पावत में स्थापित राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का गुरुवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने एक ओर कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया, वहीं निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित छात्राओं से बातचीत कर हॉस्टल, भोजन, प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम और खेल सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने कॉलेज में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बेहतर प्रशिक्षण और आवासीय सुविधाओं की सराहना की। जिलाधिकारी ने उन्हें अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेस, हॉस्टल, स्मार्ट क्लासरूम, खेल परिसर तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर साफ-सफाई और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। जिला क्रीड़ा अधिकारी चन्दन बिष्ट को छात्राओं का चम्पावत के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने तथा स्थानीय विद्यालय में अध्ययन के लिए एक-दो दिन के भीतर बस परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने छमानिया स्थित लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने हॉस्टल ब्लॉक, टाइप-2 एवं टाइप-3 आवासीय भवन, वॉलीबॉल एवं फुटबॉल मैदान, मल्टीपर्पस हॉल तथा अन्य खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कार्यदायी संस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समयसीमा में कार्य पूरा करने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रमुख खेल मैदानों और रनिंग ट्रैक का निर्माण सितंबर-अक्टूबर तक तथा रिटेनिंग वॉल का कार्य अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संपूर्ण परियोजना जून 2027 तक पूर्ण किए जाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि यह स्पोर्ट्स कॉलेज उत्तराखंड की बालिका खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और शासन स्तर से परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।










