
चम्पावत UK चम्पावत👉टनकपुर क्षेत्र के छीनीगोठ में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हुड्डी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पशुओं के लिए चारा लेने गए तीन ग्रामीण नदी के दूसरी ओर फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव दल सक्रिय हो गए। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर तेज बहाव और उफनती नदी के बीच अभियान चलाते हुए तीनों ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार छीनीगोठ के ग्राम प्रधान को तीन ग्रामीणों के नदी पार फंसे होने की जानकारी मिली। ग्राम प्रधान ने तत्काल राजस्व विभाग को सूचना दी। इसके बाद मामला जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र तक पहुंचा और टनकपुर स्थित SDRF टीम को रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया।
उप निरीक्षक दीपक चंद्र जोशी के नेतृत्व में SDRF जवान आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। नदी में तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के बावजूद टीम ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए अभियान शुरू किया। काफी सावधानी के साथ तीनों ग्रामीणों को नदी के दूसरी ओर से सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों की पहचान पार्वती तिवारी (36), पत्नी दीपक तिवारी, मुकेश जोशी (50), पुत्र हरिदत्त जोशी और दीपक तिवारी (40), पुत्र हरिनंदन तिवारी, निवासी छीनीगोठ के रूप में हुई है।
तत्परता ने टाला बड़ा हादसा
ग्रामीणों के फंसने की सूचना पर प्रशासन द्वारा दिखाई गई त्वरित सक्रियता और SDRF टीम की मुस्तैदी की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। तेज बहाव के बीच जिस तरह टीम ने जोखिम उठाकर ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला, उससे एक संभावित हादसा टल गया। रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित बचाव दल की भूमिका और तत्परता को साबित किया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर वर्षाकाल को देखते हुए जिले में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों और राहत-बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन ने नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं और आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन या आपदा प्रबंधन केंद्र को सूचना दें।










