✍️बिना न्यायालयी आदेश कार्रवाई को पहुंची जिला पंचायत टीम, नोटिस चस्पा कर लौटी ,भूमि के दस्तावेज और कार्रवाई के आधार पर को लेकर उठे सवाल, दुकान स्वामी ने निष्पक्ष जांच की मांग की👉

✍️बिना न्यायालयी आदेश कार्रवाई को पहुंची जिला पंचायत टीम, नोटिस चस्पा कर लौटी ,भूमि के दस्तावेज और कार्रवाई के आधार पर को लेकर उठे सवाल, दुकान स्वामी ने निष्पक्ष जांच की मांग की👉

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चम्पावत UK                                                          बनबसा👉 बनबसा नगर क्षेत्र में निर्माणाधीन दुकान को लेकर जिला पंचायत की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। रविवार को जिला पंचायत की टीम निर्माणाधीन दुकान पर कार्रवाई करने पहुंची, लेकिन मौके पर कार्रवाई किए बिना नोटिस चस्पा कर वापस लौट गई। जिला पंचायत की ओर से निर्माण को जिला पंचायत की भूमि पर किया गया अतिक्रमण बताया गया है। वहीं, दुकान स्वामी ने भूमि के स्वामित्व की जांच किए बिना कार्रवाई किए जाने पर सवाल उठाए हैं।

दुकान स्वामी कृष्णानंद कापड़ी का कहना है कि वर्ष 1994 में जिला पंचायत द्वारा यहां सात दुकानों का निर्माण कराया गया था और नियमानुसार दुकानों का आवंटन किया गया था। उन्हें भी इनमें से एक दुकान आवंटित हुई थी। उनका दावा है कि आवंटन के बाद से वह जिला पंचायत द्वारा निर्धारित किराया नियमित रूप से जमा करते आ रहे हैं।

कापड़ी के अनुसार वर्तमान में दुकान के समीप किए जा रहे निर्माण को जिला पंचायत द्वारा अवैध बताया जा रहा है, जबकि उनके पास उपलब्ध आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर संबंधित भूमि के अभिलेख जिला पंचायत के पास उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि पूर्व में ऊधम सिंह नगर और चम्पावत एक ही जिला होने के कारण भूमि से जुड़े अभिलेख ऊधम सिंह नगर जिला पंचायत के पास होने की जानकारी मिली है। ऐसे में पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित भूमि का वास्तविक स्वामित्व किसका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसी स्थिति के बावजूद जिला पंचायत की टीम निर्माण हटाने के लिए मौके पर पहुंच गई। कापड़ी का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को यह भी बताया कि आसपास अन्य स्थानों पर भी निर्माण हुए हैं और कई जगह दो-दो मंजिल के भवन तक खड़े हो चुके हैं। इसके बाद टीम बिना निर्माण हटाए केवल नोटिस चस्पा कर वापस लौट गई।

इस मामले में जिला पंचायत अधिकारी से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि मौके पर उन्हें कार्रवाई नहीं करने दी गई। उन्होंने बताया कि अब नियमानुसार जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी, उसे आगे अमल में लाया जाएगा।

कार्रवाई की समय-सीमा और आधार पर भी सवाल

पूरे मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि जिला पंचायत के पास निर्माण हटाने संबंधी न्यायालय का आदेश अथवा अन्य वैधानिक आधार मौजूद था तो मौके पर कार्रवाई किए बिना टीम को वापस क्यों लौटना पड़ा। वहीं यदि कार्रवाई के लिए कोई न्यायालयी आदेश आवश्यक था और ऐसा आदेश उपलब्ध नहीं था तो टीम कार्रवाई के लिए मौके पर किस आधार पर पहुंची, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

दुकान स्वामी ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण अवैध है तो नियमानुसार सभी मामलों में समान कार्रवाई होनी चाहिए। केवल उन्हें ही निशाना बनाकर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह शासन-प्रशासन के साथ हैं और नियमों के तहत होने वाली कार्रवाई में सहयोग करेंगे।

मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला पंचायत संबंधित भूमि के स्वामित्व, दुकानों के पुराने आवंटन और वर्तमान निर्माण को लेकर कौन से अभिलेख एवं वैधानिक आधार प्रस्तुत करती है। साथ ही आसपास हुए अन्य निर्माणों को लेकर भी क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।


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