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पिथौरागढ़ UK पिथौरागढ़👉सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और सुलभ बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएस चुफाल ने धारचूला क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सीएमओ ने सबसे पहले अस्कोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। लंबे समय से अनुपस्थित मिले एक कर्मचारी के मामले में नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्मिक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि दूरदराज से आने वाले मरीजों को परेशानी न हो।
इसके बाद सीएमओ ने जौलजीबी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुंज्याल से अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, स्टाफ और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी लेने के बाद उन्होंने जौलजीबी पीएचसी को डिलीवरी पॉइंट के रूप में विकसित करने की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों तक न जाना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है। डिलीवरी सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के साथ ही उपकरण, मानव संसाधन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा।
इसके बाद डॉ. चुफाल ने उप जिला चिकित्सालय धारचूला का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार, दवाइयों, जांच और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर रखने तथा बायो मेडिकल वेस्ट का निर्धारित मानकों के अनुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने वार्डों में मरीजों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन बेडशीट बदलने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर उपचार के साथ स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है।
सीएमओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा। जौलजीबी को डिलीवरी पॉइंट के रूप में विकसित किए जाने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक हिमांशु पाण्डेय एवं पंकज कुमार मौजूद रहे।










