
चम्पावत UK चम्पावत 20 अगस्त👉 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। पाटी विकासखंड के सुदूरवर्ती निलोटी गांव की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से डेयरी व्यवसाय को आजीविका का मजबूत साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
गांव की सात महिलाओं ने एकजुट होकर ‘श्री भूमिया देवता स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। ग्रामोत्थान परियोजना के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन से गांव में सीबीओ स्तर की आधुनिक सामूहिक डेयरी इकाई स्थापित की गई। इससे पहले महिलाएं सीमित संसाधनों के साथ व्यक्तिगत रूप से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन करती थीं। बाजार तक पर्याप्त पहुंच नहीं होने के कारण उन्हें मेहनत के अनुरूप आय नहीं मिल पाती थी।
करीब 10 लाख रुपये की लागत से स्थापित डेयरी इकाई के लिए ग्रामोत्थान परियोजना से छह लाख रुपये का अनुदान दिया गया, जबकि तीन लाख रुपये का बैंक ऋण परियोजना के समन्वय से उपलब्ध कराया गया। शेष एक लाख रुपये की राशि समूह की महिलाओं ने स्वयं जुटाई।
वर्तमान में डेयरी इकाई में सात गाय और एक भैंस का पालन किया जा रहा है। इससे प्रतिदिन औसतन 45 से 50 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। समूह की महिलाएं स्वयं दुग्ध उत्पादन से लेकर संग्रहण, गुणवत्ता जांच और स्थानीय बाजार में बिक्री तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
सामूहिक रूप से संचालित इस उद्यम से समूह की प्रत्येक महिला को प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपये की आय हो रही है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और उद्यमशीलता भी बढ़ी है।
निलोटी की महिलाओं की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक स्वरोजगार की संभावनाओं को दर्शाती है। सरकारी योजनाओं, संस्थागत सहयोग और महिलाओं की मेहनत के समन्वय से तैयार यह डेयरी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम बनकर उभरा है।










