पूर्णागिरि क्षेत्र चंपावत
उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का हुआ शुभारंभ
उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि के दरबार में तीन माह तक चलने वाले मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने दीप जला कर किया आपको बता दें की चंपावत जिले के सीमांत टनकपुर में मां पूर्णागिरि धाम में चलने वाले उत्तर भारत के मेले का शुभारंभ आज कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के द्वारा दीप जला कर किया गया है यहां पर आने वाले भक्त अपनी जो भी मनोकामना लेकर आते हैं वह मनोकामना पूरी होती है माना जाता है मां सती के अंगों में से एक अंग नाभी जो मां पूर्णागिरी की शक्ति पीठ पर गिरी थी उसी को मां पूर्णागिरि के नाम से जाना जाता है और जो भी भक्त यहां पर अपनी मनोकामना लेकर आता है मां उसकी हर एक मनोकामना को पूर्ण करती है उत्तर भारत के इस मेले में पूरे वर्ष भर श्रद्धालु आते जाते रहते हैं लेकिन 3 माह के लिए यह मेला पूर्णतः 24 घंटे चलता रहता है और इस मेले में लोग अपने बच्चों का मुंडन संस्कार करते हैं वह परंपरा चली आई है की मां पूर्णागिरि के दर्शन करने के पश्चात श्रद्धालु भैरव बाबा के दर्शन करते हैं वह सिद्ध बाबा के दर्शन करने हेतु भारत से लगे हुए नेपाल देश में जाकर सिद्ध बाबा के दर्शन करते हैं तत्पश्चात भक्तों की मनोकामना पूरी होती है वह यह मां पूर्णागिरी की जो यात्रा है वह यात्रा संपन्न होती है यहां पर प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में भक्तजन आते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर लौटते हैं इस मेले में 24 घंटे पुलिस प्रशासन व मिला कमेटी द्वारा वह जिला पंचायत द्वारा पूर्ण व्यवस्थाओं का ध्यान रखा जाता है और ऐसे भी भक्तजन यहां पर आते हैं जो की भक्तजनों के लिए भंडारे की व्यवस्था करते हैं और निशुल्क भंडारा यहां पर चलाया जाता है इस दौरान मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी उपस्थित रहे व साथ ही जिला अधिकारी चम्पावत,पूर्णागिरि तहसील टनकपुर के उप जिला अधिकारी,तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद टनकपुर,चंपावत एसएसपी,सीओ टनकपुर इत्यादि सभी गणमान्य व्यक्ति भक्तजन उपस्थित रहे। जिलाधिकारी चंपावत द्वारा कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को प्रतीक चिन्ह भी भेद किया








