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नैनीताल उत्तराखंड
रिपोर्ट ललित जोशी
नैनीताल👉 सरोवर नगरी नैनीताल के साथ साथ ठंडे का प्रतीक खतडुवा पुतले के रूप में जलाया जाता है।
कहा जाता है आज से ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। और जो गर्मी के टाइम में रजाई जिसे कई जगह खतड़ कहते हैं। उसको ओढ़ने के लिए निकाल दिया जाता है। यह भी कहा जाता है आसोज के समय घास आदि ओर साथ ही फसलों आदि की पैदावार होती है। कहने का तात्पर्य यह है आज से ठंड से बचने के लिए आग का सहारा लिया जाता है। खतडुवा बनाने का यहीं भी उद्देश्य है कि घर का कूड़ा करकट इस बहाने जला दिया जाता है।








